मम्मी के बार-बार पुकारने पर भी
नींद नहीं उड़ने पाती थी,
पर बेटेकी एक आहट से ही
आज जाग उठ बैठता हुं में।
नींद नहीं उड़ने पाती थी,
पर बेटेकी एक आहट से ही
आज जाग उठ बैठता हुं में।
अब समझ पाता हुं की,
शायद इसी तरह...
देर रात, पिक्चर के बाद,
दूर से ही बाइक बंध कर,
जूते उतार, बिल्लीपाँव आकर,
धी...रे से दरवाजा ठेलने पर भी,
कैसे वो एक आवाझ आ ही जाती थी
शायद इसी तरह...
देर रात, पिक्चर के बाद,
दूर से ही बाइक बंध कर,
जूते उतार, बिल्लीपाँव आकर,
धी...रे से दरवाजा ठेलने पर भी,
कैसे वो एक आवाझ आ ही जाती थी
पापा की -
"आ गये.... बेटा?"
"आ गये.... बेटा?"
--चिंतन पटेल
Good...
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